Shayri
मैंने कुछ बुरा कुछ खूबसूरत देखा इन्ह आँखोसे।
क्या कहु इस बावजूद भी कुछ असर नहीं हुआ इन्ह लमहो से मेरी आँखों पे और मेरे आँखों का ध्यान रहा मुझे बस लमहे दिखने पे।
काश ,
आँखों का उसूल लागु होता इस ज़िन्दगी पे, जहा अच्छे बुरे के बावजूद भी कुछ असर नहीं होता था ज़िन्दगी पे और हम बस ध्यान दे सखे ये ज़िन्दगी जीने पे।
Comments
Post a Comment