Poem
बन जा ज्वाला मुखी
बन जा ज्वाला मुखी जैसा गरम ।
कोई मत रख शरम ।
पिघलने दे हर इंसान,पथर , रसम ।
बोल,
ज्वाला मुखी तेरी कसम ।
ज्वाला मुखी ने पुछा क्या है
धर्म ,
तो मैने कहा जहा
धन और राम ।
बन जा ज्वाला मुखी जैसा गरम ।
कोई मत रख शरम ।
पिघलने दे हर इंसान,पथर , रसम ।
बोल,
ज्वाला मुखी तेरी कसम ।
ज्वाला मुखी ने पुछा क्या है
धर्म ,
तो मैने कहा जहा
धन और राम ।
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