शायरी।। Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps April 28, 2017 इन्सान आझ मुबारक है ,तो कल्ह मकबरे मै। तो घुस्सा भी बंध रखो कलमारी मे अगर इन्सान कल्ह मकबरे मे हे। Read more
शायरी। Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps April 28, 2017 फुल खिलने को वक्त दो मक्खी को शेहेध चकने का समय दो। और जभ शेहेद खतम हो जाये तो कुदरत को तैर करने दो। Read more